कोरोना से जंग में उम्मीद की किरण: पटना में 6 से 12 वर्ष के बच्चों पर हो रहा ट्रायल, बच्चे बोले- वैक्सीनेशन से कोई परेशानी नहीं; अगस्त तक खत्म हो सकता है इंतजार

पटना8 घंटे पहले

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पटना AIIMS में बच्चों पर हो रहा है वैक्सीन का ट्रायल।

कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को खतरे की आशंका के बीच वैक्सीनेशन की बड़ी उम्मीद जागी है। 12 से 18 वर्ष के 27 बच्चों का ट्रायल पहले फेज का पूरा हो गया है। अब 6 से 12 वर्ष के बच्चों पर ट्रायल चल रहा है। दूसरे फेज के ट्रायल के लिए 100 बच्चों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। ट्रायल की तेजी को देखते हुए उम्मीद जागी है कि बच्चों का टीका अगस्त तक आ सकता है।

देश के 8 सेंटरों पर बच्चों के लिए आने वाली कोरोना की कोवैक्सिन का ट्रायल किया जा रहा है, इसमें एक सेंटर पटना AIIMS को भी बनाया गया है। एम्स के डॉक्टरों को उम्मीद है कि ट्रायल की रफ्तार ठीक है और ऐसे ही सब सामान्य रहा तो टीका अगस्त तक आ सकता है।

3 फेज में होना है वैक्सीन का ट्रायल

पटना AIIMS के डीन डॉ. उमेश भदानी ने बताया कि बच्चों की वैक्सीन सामान्य वैक्सीन से थोड़ी हल्की है और इसका ट्रायल किया जा रहा है। 3 फेज में इसका ट्रायल किया जाना है। डॉ. उमेश भदानी का कहना है कि ICMR के निर्देशन में देश के 8 सेंटर पर ट्रायल किया जा रहा है। बुधवार से 6 से 12 वर्ष के बच्चों पर ट्रायल किया जा रहा है। पहले 12 से 18 वर्ष के 27 बच्चों पर ट्रायल किया गया है। अब 100 बच्चों का रजिस्ट्रेशन 6 से 12 वर्ष तक के लिए किया गया है। अगले फेज में 2 से 6 वर्ष तक के बच्चों पर इसका ट्रायल किया जाएगा।

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर अलर्ट

पटना AIIMS में वैक्सीनेशन के लिए आ रहे बच्चों में काफी उत्साह है। हालांकि आम आदमी की सहभागिता कम है। इसमें अधिकतर डॉक्टरों के बच्चे हैं। पटना AIIMS के वैक्सीन के ट्रायल की निगरानी करने वाले डॉ. सीएम सिंह का कहना है कि अब तक फर्स्ट फेज में 12 से 18 वर्ष के 27 बच्चों का ट्रायल किया जा चुका है। इसमें भाग लेने वाले बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी बात यह है कि अभी तक एक भी बच्चे में कोई रिएक्शन तक देखने को नहीं मिला है।

बच्चों में ट्रायल को लेकर दिख रहा उत्साह

क्लास 10 में पढ़ने वाली दृष्टि का कहना है कि उन्होंने वैक्सीन ट्रायल कराया है। कहीं कोई परेशानी नहीं हुई है। वह लोगों को यही संदेश देना चाहती है कि अधिक से अधिक बच्चों को वैक्सीनेशन ट्रायल में लाया जाए, जिससे देश में जल्दी से बच्चों वाली वैक्सीन आ जाए। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों पर अधिक खतरा है। इस खतरे को देखते हुए ट्रायल में लोगों को बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।

जब ट्रायल में दिखेगा जोश तो आएगी वैक्सीन

बेली रोड पटना के अर्घ्य का कहना है कि ट्रायल उन्होंने कराया है। उन्हें कोई समस्या भी नहीं है। अर्घ्य का कहना है कि ट्रायल में लोगों को भाग लेना चाहिए, क्योंकि वैक्सीन आने के बाद बच्चों को बड़ी राहत होगी। तीसरी लहर में बच्चों का खतरा बताया जा रहा है। अगर बच्चे पहले से टीका ले लेंगे तो उन्हें खतरा नहीं होगा। ऐसे में ट्रायल को लेकर लोगों को जागरूक होना चाहिए, जिससे यह जल्दी से पूरा हो और बहुत जल्द बच्चों की वैक्सीन देश में आ जाए। अर्घ्य का कहना है कि जब ट्रायल में जोश दिखेगा तो वैक्सीन भी जल्दी आ जाएगी।

बच्ची ने दिया संदेश, बड़े टीका लगवा कर बच्चों को करें सुरक्षित

ज्योति बताती हैं कि सबको वैक्सीन लेना चाहिए। बड़ों को वैक्सीन हर हाल में लेना चाहिए। कोरोना के ट्रायल में बच्चों को आगे आना चाहिए। बच्चों को लेकर लोगों को संवेदनशील और गंभीर होना होगा जिससे ट्रायल पूरा हो जाए और बच्चाें का टीका जल्द से जल्द देश में आ जाए। ज्योति का कहना है कि उन्होंने ट्रायल में इसलिए ही भगा लिया कि जल्द से जल्द बच्चों का टीका आ जाए और 2 साल से लेकर 18 साल तक के बच्चों को कोरोना की लड़ाई में मजबूत बनाया जा सके।

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