तीन घंटे तक जांच: मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट की जांच करने पहुंची टीम

जमशेदपुर2 घंटे पहले

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घाेड़ाबांधा मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट की जांच करती टीम।

  • सरकार नहीं देती डोनेशन
  • ट्रस्ट को पैसे देने वालों की तलाश में पुलिस

टेल्को के घाेड़ाबांधा मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट की जांच करने के लिए गुरुवार काे 10 सदस्यीय प्रशासनिक अधिकारियों की टीम पहुंची। इस दाैरान टीम ने संचालन के जुड़े कागजात की तलाश करती रही, लेकिन कुछ भी नहीं मिला। ट्रस्ट के जिस भवन में बच्चों का रखा जाता है वहीं पर ऑफिस भी है। ऑफिस खुला हुआ था, लेकिन संचालन से संबंधित कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति माैजूद नहीं था। इसलिए जांच टीम को कागजात नहीं मिल पाया है।

ट्रस्ट का संचालन करने वाले हरपाल सिंह थापर व उनकी पत्नी सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष पुष्पारानी तिर्की और ट्रस्ट की इंचार्ज गीता देवी की तलाश जांच टीम कर रही थी, ताकि आवश्यक कागजात जुटाया जा सके। टीम को बताया गया कि टेल्को पुलिस कुछ कागजात पूर्व में ही जब्त कर चुकी है। ट्रस्ट काे झारखंड सरकार की ओर से किसी तरह का अनुदान नहीं मिलता है।

इसलिए जांच टीम यह जानना चाहती है कि इसके संचालन के लिए राशि कैसे आता है। डोनेशन देने वाले कौन-कौन हैं। टीम तीन घंटे तक ट्रस्ट में रही और आसपास के लोगों का भी बयान लिया। लोगों ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर कुछ जानकारी दी। स्थानीय लोग थापर व पुष्पारानी तिर्की से भयभीत भी दिखे। टीम ने जांच में पाया कि ट्रस्ट में फिलहाल 40 बच्चे रह रहे हैं। जिस स्थान पर इन बच्चों को रखा जा रहा है, वह इतने बच्चों के लिए पर्याप्त नहीं है।

बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं। जांच टीम ने सभी बच्चों का नाम, उम्र व पता नोट किया। साथ ही बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं का भी आकलन किया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी मामले में डीसी सूरज कुमार से जांच रिपोर्ट की मांग की है। जांच में पाया कि ट्रस्ट में रहने वाले सबसे बड़े बच्चे की आयु 14 साल व सबसे छोटे बच्चे की उम्र चार साल है।

टीम को जो बच्चे समझदार लगे उनका बयान भी लिया है। टीम शुक्रवार को भी जांच करेगी। एनईपी की निदेशक ज्योत्सना सिंह की अगुवाई में 11 सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। इसमें सहायक आरक्षी अधीक्षक कुमार गौरव भी शामिल हैं। 11 सदस्यीय जांच टीम में 8 महिला अधिकारी व 3 पुरुष अधिकारी शामिल हैं।

पुष्पा रानी तिर्की की रिपोर्ट राज्य सरकार के पास भेजी गई
पुष्पा रानी तिर्की जिलास्तरीय चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की अध्यक्ष हैं। उनकी नियुक्ति झारखंड सरकार करती है। उन्हें हटाने के लिए प्रशासन अनुशंसा नहीं कर सकता है। डीसी सूरज कुमार ने पुष्पा रानी तिर्की के खिलाफ टेल्को थाने में दर्ज प्राथमिकी और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट झारखंड सरकार को भेज दी है। इस रिपोर्ट के आधार पर पुष्पा रानी तिर्की को सीडब्ल्यूसी के पद से हटाया जा सकता है।

आरोपी संचालक व उसकी पत्नी ने शहर छोड़ा, पुलिस को मिला इनका लोकेशन

ट्रस्ट की दो नाबालिग से छेड़खानी, मारपीट, आपत्तिजनक हरकत करने के आरोपी संचालक हरपाल सिंह थापर व उसकी पत्नी पुष्पारानी तिर्की ने शहर छोड़ दिया है। उनके साथ ट्रस्ट की इंचार्ज गीता देवी उसके बेटे आदित्य सिंह व टोनी केविड फरार हैं। पुलिस उनके रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं आरोपी थापर-उसकी पत्नी का लोकेशन पुलिस को मिला है।

इधर, डीसी ने सरकार को रिपोर्ट भेजी है। अनुसंधानकर्ता ने जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी डॉ. चंचल कुमारी को रिपोर्ट देते हुए कहा – सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष पद पर अगर पुष्पा रानी तिर्की रहती है तो जांच कार्य प्रभावित हो सकता है। अनुसंधानकर्ता की रिपोर्ट जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर को भेजी थी। सत्या ठाकुर ने रिपोर्ट व पुलिस की रिपोर्ट डीसी को सौंपी थी।

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