दैनिक भास्कर की खबर पर बैठी जांच: ‘एंटी’जन टेस्ट का सच-14000 किट गायब, 8231 लोगों की रिपोर्ट पर मोबाइल नंबर 000

मुजफ्फरपुर2 मिनट पहले

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  • बगैर जांच निगेटिव रिपाेर्ट भेजने काे तकनीकी व मानवीय भूल माना
  • जितनी गड़बड़ी हमने बताई, उससे ज्यादा सामने आई

एंटीजन जांच में गड़बड़ी की आशंका सच साबित हुई। मुजफ्फरपुर जिले के सदर अस्पताल और मड़वन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की छानबीन में सच पर पड़ी झूठ की परत खुलेआम हो गई। दोनों केंद्रों पर उपलब्ध कराए गए एंटीजन किट और वहां की गई कोरोना जांच के आंकड़ों में 14 हजार का गैप मिला है।

सदर अस्पताल में उपलब्ध किट और की गई जांच में 11 हजार तो मड़वन पीएचसी में प्राप्त एंटीजन किट और वहां हुई टेस्टिंग में लगभग तीन हजार का हिसाब नहीं है। इतना ही नहीं, कोरोना जांच कराने वाले 8 हजार 231 लोगों के मोबाइल नंबर के सामने 0000000000… भर दिया गया है। कटरा पीएचसी में 3160 और सदर अस्पताल में 2429 लोगों के 10 डिजिट वाले मोबाइल नंबर के आगे 000.. दर्ज हैं। इनमें से 1643 की तो आरटीपीसीआर जांच हुई थी।अपर समाहर्ता राजेश कुमार ने कहा कि एंटीजन जांच में गड़बड़ी को लेकर मुजफ्फरपुर के डीएम के निर्देश पर सात बिंदुओं पर जांच की गई है। कमेटी ने दोषी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा के साथ अपनी रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।

3 कर्मियों की बर्खास्तगी व दो डॉक्टरों से शोकॉज की अनुशंसा

बगैर जांच के मोबाइल पर निगेटिव रिपोर्ट के मैसेज भेजने के मामले में दोषी कर्मचारियों को चिह्नित करने तथा सदर अस्पताल के कर्मचारी को बगैर जांच के निगेटिव रिपोर्ट का मैसेज भेजे जाने के मामले में तकनीकी अथवा मानवीय भूल की बात कही गई है। एंटीजन जांच की गड़बड़ी के सवाल पर गठित जांच कमेटी ने सदर अस्पताल के तीन कर्मियों लव कुमार, आनंद मुकेश एवं दीपक कुमार को बर्खास्त करने तथा कटरा एवं मड़वन के पीएचसी प्रभारी, मड़वन पीएचसी के हेल्थ मैनेजर से स्पष्टीकरण पूछने की अनुशंसा डीएम से की है। इसके अलावा जांच कमेटी ने सदर अस्पताल के टीबी विभाग के कर्मचारी मनोज कुमार एवं कटरा पीएचसी के जांच कर्मचारी बब्लू आलम व अमन कुमार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है।

30 मई को ही आपके अखबार भास्कर ने बता दिया था कि एंटीजन जांच में हुई है गड़बड़ी

30 मई को एंटीजन जांच में गड़बड़ी के सवाल को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस रिपोर्ट की बुनियाद 500 से अधिक मोबाइल नंबर पर भेजी गई जांच रिपोर्ट की नमूना पड़ताल पर आधारित थी। इसके बाद मुजफ्फरपुर के डीएम प्रणव कुमार ने अपर समाहर्ता राजेश कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी ने एंटीजन जांच से संबंधित सात बिंदुओं पर सैंपलिंग एवं टेस्टिंग की जांच की।

अधिक जांच व वैक्सीनेशन के कारण रिपोर्ट भेजने में हुई 2 माह देरी

जांच कमेटी के सामने माना गया कि 70 फीसदी लोगों को दो महीने देरी से जांच रिपोर्ट भेजी गई। कहा गया है कि वैक्सीनेशन एवं ज्यादा जांच होने और कुछ डाटा एंट्री ऑपरेटरों के कोरोना संक्रमित होने से बैकलॉग हो गया था। मई के आखिरी सप्ताह में बैकलॉग को अपलोड करने का विशेष अभियान चलाया गया। इसी वजह से लोगों को रिपोर्ट का एसएमएस देर से मिला।

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