प्रदूषण पर रोक की पहल: भुइयांडीह सुवर्णरेखा बर्निंग घाट पर डिकंपोस्टिंग स्मार्ट मशीन लगी, पेवर्स ब्लॉक बनाने में होगा राख का उपयोग

जमशेदपुर17 घंटे पहले

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सुवर्णरेखा बर्निंग घाट पर लगी डिकंपोस्टिंग स्मार्ट मशीन।

  • कफन, पूजन सामग्री, प्लास्टिक, पुआल आदि का डिस्पाेजल आसानी से हो सकेगा

भुइयांडीह स्थित सुवर्णरेखा बर्निंग घाट पर अब शवाें के अंतिम संस्कार के बाद गंदगी नहीं रहेगी। कफन, पूजन सामग्री के अवशेष, पुआल आदि के डिस्पाेजल के लिए जेएनएसी ने यहां स्मार्ट गार्बेज फ्री डिकंपोस्टिंग मशीन लगाई गई है। इससे घाट व नदी में प्रदूषण भी नहीं फैलेगा। क्याेंकि लाेग शवाें के अंतिम संस्कार के बाद कफन, फूल, बची हुई पूजन सामग्री, प्लास्टिक आदि या ताे घाट पर छाेड़ देते थे, या फिर उसे नदी में प्रवाहित कर दिया जाता था।

अब ये सारी सामग्री मशीन में डालकर जला दी जाएगी। जेएनएसी के विशेष कार्य पदाधिकारी कृष्ण कुमार ने कहा कि मशीन से निकलने वाली राख से पेवर्स ब्लाॅक बनाए जाएंगे। स्मार्ट गार्बेज मशीन लगाने के लिए सरयू राय ने अपने विधायक फंड से 19 लाख रुपए जेएनएसी को उपलब्ध कराए थे। इसकी खरीदारी अहमदाबाद से हुई है। मशीन लगने के बाद सरयू राय ने बुधवार काे इसका उद्घाटन किया। कहा- इस तरह की सुविधा वाला झारखंड में यह पहला बर्निंग घाट है। ऐसा कर पर्यावरण का संरक्षण किया जा सकेगा। वहीं जलीय जीवों को बचाया जा सकेगा।

डिकंपोस्टिंग मशीन लगने से यह हाेगा फायदा

शवाें के अंतिम संस्कार के बाद कफन, पुआल, फूल, म्युनिसिपल वेस्ट समेत अन्य पूजन सामग्री मशीन में डालकर उसका डिस्पोजल किया जाएगा। मशीन में सारी सामग्री जलकर राख बन जाएगी। मशीन से निकली राख का इस्तेमाल पेवर्स ब्लॉक बनाने में हाेगा। मशीन पॉल्यूशन फ्री है, जिसे भारत सरकार से मान्यता प्राप्त है। सुवर्णरेखा नदी में सामाग्री प्रवाहित नहीं होगी। ऐसे में प्रदूषण को रोका जा सकेगा।

भुइयांडीह सुवर्णरेखा बर्निंग घाट पर साफ-सफाई व कफन समेत बची हुई पूजन सामग्री के डिस्पाेजल के लिए स्मार्ट गार्बेज फ्री डिकंपोस्टिंग मशीन लगाई गई है। इसकी खरीदारी विधायक सरयू राय के फंड से हुई है। मशीन से निकलने वाली राख पेवर्स ब्लॉक बनाने वाली कंपनियों को सप्लाई की जाएगी।

-कृष्ण कुमार, विशेष पदाधिकारी, जेएनएसी

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