हुआ बदलाव: एंटीजन में निगेटिव 2.07 लाख ग्रामीणों की हाेगी आरटीपीसीआर

रांची6 घंटे पहले

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  • स्वास्थ्य सर्वे में 2.08 लाख ग्रामीणाें में मिले थे लक्षण, 981 पाॅजिटिव थे
  • दैनिक भास्कर ने पहले ही कहा था आरटीपीसीआर जांच होनी चाहिए

ग्रामीण क्षेत्राें में 2,07,828 लाेगाें की अब आरटीपीसीआर या ट्रूनेट से काेराेना जांच हाेगी। ये लाेग रैपिड एंटीजन टेस्ट में निगेटिव मिले थे। लेकिन इनमें सर्दी-खांसी जैसे लक्षण थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से काेराेना संक्रमिताें की पहचान के लिए 25 मई से 7 जून तक ग्रामीण क्षेत्राें में स्वास्थ्य सर्वेक्षण के के साथ विशेष काेविड जांच अभियान चलाया था। इसी दाैरान इनकी रैपिड एंटीजन टेस्ट की गई थी।

नेशनल हेल्थ मिशन झारखंड के स्टेट नाेडल पदाधिकारी सिद्धार्थ त्रिपाठी ने बताया कि सर्वे के दाैरान टीम 53.24 लाख घराें में 2.64 कराेड़ लाेगाें तक पहुंची थी। सर्वे के दाैरान 16,677 लाेग टीबी, 1,17,538 लाेग शुगर और 1,19,478 लाेग ब्लड प्रेशर व दिल की बीमारी से पीड़ित मिले। 2,08,809 में कोरोना के लक्षण दिखे थे।

इन सभी का एंटीजन टेस्ट किया गया। जिनमें से 981 लाेग काेराेना पाॅजिटिव मिले थे। इनमें 0-1 साल के 3 बच्चे, 1-6 साल के 1 बच्चे और 6-18 साल के 35 बच्चे की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। इस दाैरान जिन लाेगाें में सर्दी-खांसी जैसे लक्षण थे लेकिन एंटीजन रिपाेर्ट निगेटिव थी, अब उनकी जांच कराने का फैसला लिया गया है।

सैंपलिंग का काम शुरू, 10 दिन में पूरी हाे जाएगी जांच

नेशनल हेल्थ मिशन झारखंड के स्टेट नाेडल पदाधिकारी सिद्धार्थ त्रिपाठी ने कहा कि सर्वे के दाैरान 2.64 कराेड़ लाेगाें में से दाे लाख लाेगाें काे अलग कर सभी का एक साथ आरटीपीसीआर या ट्रूनेट जांच करना संभव नहीं था। क्याेंकि इसकी रिपाेर्ट आने में वक्त लगता है। यह जांच रैपिड एंटीजन से ही हाे सकता था।

इसलिए अब यह फैसला लिया गया। कुछ जिलाें में आरटीपीसीआर और ट्रूनेट जांच के लिए सैंपलिंग का काम शुरू हाे चुका है। 10 दिन के भीतर सभी 2,07,828 की सैंपलिंग और जांच का काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि जितने लाेगाें का लक्षण के आधार पर एंटीजन टेस्ट हुआ था, उनमें से अधिकतर में माैसमी वायरल इंफेक्शन हाेने की संभावना है।

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