36 निजी अस्पतालों में ही होना था कोरोना का इलाज: इन आंकड़ों में पटना के 28 निजी अस्पतालों में हुई मौतें जुड़ीं ही नहीं

पटना9 मिनट पहले

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सरकार ने भले 8 जून तक काेरोना से मरने वालों का फाइनल आंकड़ा जारी कर दिया, पर सच यह है कि पटना के ही 28 ऐसे निजी अस्पताल हैं, जिन्होंने अबतक मृत कोरोना मरीजों का आंकड़ा जमा नहीं किया है। इस संबंध में 8 जून को ही पटना सिविल सर्जन डॉ. विभा कुमारी ने पत्र जारी कर अस्पताल प्रशासन काे जनवरी 2021 से अबतक के मृतकों की संख्या तीन दिनों में जमा करने वरना कार्रवाई को कहा है।

सीएस ने आरोग्यम, अटलांटिस, डॉ. विमल हॉस्पिटल, गंगोत्री हॉस्पिटल, जीएस न्यूरो साइंस, हार्ट हॉस्पिटल, महावीर वात्सल्य, एलयूबी एकेडमी, मनोकामना हॉस्पिटल, मेडिका मगध, एमजीएम हॉस्पिटल, नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज, न्यू मैक्स केयर, निदान हॉस्पिटल, पाटलिपुत्र मल्टी प्लस, रूबन, समय हाॅस्पिटल, सत्यदेव हॉस्पिटल, शैमफोर्ड, शायन हॉस्पिटल, श्रीमुरलीधर नर्सिंग होम, श्याम हॉस्पिटल, श्रीराम हॉस्पिटल, सन हॉस्पिटल, तारा हॉस्पिटल, त्रिपोलिया हॉस्पिटल, उमा हॉस्पिटल व हैरिसन मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल को नोटिस जारी किया है।

दुनिया में 1 दिन में सबसे अधिक मौतें-वजह बिहार

देश में बुधवार को 6,139 मौतें दर्ज की गईं। इनमें सबसे बड़ी 3,951 मौतें बिहार की जुड़ीं। यह दुनिया में एक दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा। इससे पहले महाराष्ट्र ने भी मौतों के आंकड़ों में संशोधन किया था।

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